Loan Kitne Prakar Ke Hote Hain: लोन कितने प्रकार के होते हैं?

Loan Kitne Prakar Ke Hote Hain: आज के आधुनिक समय में जब कोई व्यक्ति खुद की कमाई हुई पैसे से अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता है, तब वह लोन लेने का सोचता है। भारत के लगभग सभी बैंक जैसे PNB, SBI, HDFC, BANK of India, Axis bank आदि जरूरत के हिसाब से आपको लोन प्रदान करते हैं। 

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अगर आपको भी लोन की जरूरत है, तो इससे पहले आपको थोड़ी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए कि लोन कितने प्रकार के होते हैं और किन चीजों के लिए हम कौन सा लोन आसानी से ले सकते हैं। तो आइए जानते हैं उन बातों को जो आपको लोन लेने में काफी मदद करेगा।

Loan Kitne Prakar Ke Hote Hain: लोन कितने प्रकार के होते हैं

भारत में अलग-अलग उद्देश्य और कारण के लिए अलग-अलग प्रकार के लोन दिए जाते हैं, जैसे:-पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, प्रॉपर्टी लोन, एजुकेशन लोन, होम लोन, कॉरपोरेट / बिजनेस या व्यवसाय लोन और वाहन लोन।

Loan Kitne Prakar Ke Hote Hain

1. पर्सनल लोन। (Personal Loan)

पर्सनल लोन का मतलब होता है कि आप अपने निजी कार्यों के लिए बैंक द्वारा लोन लेते हैं, जैसे आपको अपने बच्चे की फीस भरनी हो, किसी को महंगी गिफ्ट देने है यह आपको अपने खुद के घर के लिए कुछ महंगा सामान लेना हो।

पर्सनल लोन के लिए ब्याज दर सभी बैंकों का तय है जैसे SBI 17.65% और Bank of India 17.25% वार्षिक ब्याज दर वसूल करते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा डाक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी। पर्सनल लोन आपको शॉर्ट टर्म नेसेसिटी के तौर पर मिलता है जिसे 4 वर्ष तक लौटा देना अनिवार्य होता है।

Loan Kitne Prakar Ke Hote Hain

पर्सनल लोन और सुरक्षित प्रकार का लोन होता है जिसके अंतर्गत लोगों को पैसे दिए जाते हैं। यह सुरक्षित लोन की तुलना में अधिक ब्याज दर पर दिया जाता है क्योंकि यह असुरक्षित लोन होता है।

अगर किसी व्यक्ति के पास अच्छे क्रेडिट स्कोर है और उसका आय अधिक है तो उसे सस्ते ब्याज दर पर पर्सनल लोन दिया जाएगा। पर्सनल लोन का इस्तेमाल लोग कई प्रकार से कर सकते हैं जैसे शादी के खर्चों के लिए, क्या मनाने के लिए या शिक्षा लेने के लिए।

2. गोल्ड लोन। (Gold Loan)

गोल्ड लोन का मतलब है बैंक में सोना रखकर पैसे लेने की प्रक्रिया है। आप बैंक में अपना सोना रखेंगे जिसे बैंक के लॉकर में रखा जाएगा और आपके सोने की क्वालिटी के हिसाब से आपको पैसे मिलते हैं।

बैंक में जमा किया गया सोने की कीमत का 80% तक लोन दिया जाता है। पर्सनल लोन की तुलना में इसका ब्याज दर बहुत कम होता है। SBI बैंक गोल्ड लोन पर 11.15% का वार्षिक ब्याज दर लेता है।

लोन कितने प्रकार के होते हैं

यह लोन एक बहुत ही सुरक्षित लोन है, जिसे ग्राहक अपने सोने के आभूषण को गिरवी रखकर बैंक के द्वारा कुछ पैसे लोन पर लेते हैं। जब ग्राहकों द्वारा पूरा कर दिया जाता है तो बैंक उन्हें उनके आभूषण या सोना लौटा देते हैं। जब किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है तो इस प्रकार के लोन उस व्यक्ति की बहुत मदद करता है। इस लोन की यह खासियत है कि इसे गरीब से गरीब व्यक्ति भी ले सकता है।

3. प्रॉपर्टी लोन। (Property Loan)

प्रॉपर्टी लोन ऐसा लोन है जिसमें बैंक आपकी प्रॉपर्टी के कागजात गिरवी रख लेता है। इस लोन में आपके प्रॉपर्टी के कीमत की 40% से 60% तक पैसे लोन के रूप में दिया जा सकता है। यह लॉन्ग टर्म लोन होता है जिसे लगभग 15 सालों तक चुकाया जा सकता है। जब किसी व्यक्ति को इमरजेंसी रूप से आर्थिक मदद चाहिए होती है तो वह प्रॉपर्टी लोन लेने के बारे में ही सोचता है। 

इस लोन में मात्र आपको अपनी प्रॉपर्टी की कागजात बैंक में जमा करनी होती है जिसमें यह साफ तौर से होना चाहिए कि वह प्रॉपर्टी सरकारी रूप से आपकी ही है। और लोन के तुलना में प्रॉपर्टी लोन के द्वारा बैंक से अधिक पैसे उठा सकते हैं। आपातकालीन स्थिति में किसी भी व्यक्ति को इस लोन का फायदा उठाना चाहिए। अलग-अलग बैंकों में प्रॉपर्टी लोन के अलग-अलग तरीके होते हैं जिसे सबसे पहले आपको जान लेनी होगी।

Loan Kitne Prakar Ke Hote Hain

4. एजुकेशन लोन। (Education Loan)

सब छात्रों को एक तरह की पढ़ने की सुविधा नहीं मिल पाती है। पैसे की कमी होने के कारण कई छात्र अपनी आगे की पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं या दूसरी फील्ड में हाथ आजमाते हैं। ऐसी स्थिति में एजुकेशन लोन उन छात्रों को मदद करने के लिए दिया जाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर होते है। 

एजुकेशन लोन के अंतर्गत छात्र अपने आगे की पढ़ाई के लिए बैंक के द्वारा लोन ले सकते हैं। जब छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी करता है तब इस लोन को रीपेमेंट कर सकता है। लोन के लिए ग्राइंडर की आवश्यकता होती है जो की छात्र के अभिभावक होते हैं। SBI 7.50 लाख रुपये से उप्पर का लोन के लिए 11.15% और 7.50 लाख रुपये के लिए 10.85% का ब्याज दर लेती है।

5. होम लोन। (Home Loan)

घर खरीदने के लिए जो लोन लिया जाता है उसे होम लोन कहते हैं। बैंक आपको सिर्फ घर बनाने की ही नहीं बल्कि मकान का रजिस्ट्रेशन या और भी कार्यों के लिए लोन देता है। बैंक के द्वारा आपके घर बनाने की कुल राशि का 75% से 80% तक का लोन मिलता है। होम लोन चुकाने की अवधि 5 साल से 20 साल के बीच होती है। 

इस लोन को लेने के लिए आपके पास अच्छा बैंक क्रेडिट होना अनिवार्य है। इसके अलावा आपके पास रेगुलर इनकम सोर्स होना चाहिए। यह एक लांग टर्म लोन है जिसे आप धीरे-धीरे करके चुका सकते हैं। होम लोन के अंतर्गत अगर आप 10 लाख का लोन लेते हैं तो इस पर आपको 8% से 20% तक का ब्याज दर लग सकता है।

6. कॉरपोरेट / बिजनेस या व्यवसाय लोन। (Corporate Loan)

बैंक द्वारा कोई भी छोटे या मध्यम प्रकार का व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन प्रदान किया जाता है उसे ही बिजनेस लोन कहते हैं। बैंक के द्वारा आप लोन लेकर अपनी कंपनी को शुरू कर सकते हैं इन पैसों से माल खरीदना, कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करना और कंपनी को बड़ा बढ़ाने का काम कर सकते हैं।

जब कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी करता है और उसकी इनकम इतनी खास नहीं रहती है तो वह कोई बिजनेस करने के बारे में जरूर सोचता है। ऐसी स्थिति में आप बिजनेस या व्यवसाय लोन का मदद ले सकते हैं। 

आपके पास खुद की नौकरी होगी जिसके कारण आपको लोन लेने में कोई दिक्कत नहीं होगा। लोन लेने के बाद आप अपना बिजनेस आराम से शुरू करके वक्त के साथ अपना लोन चुका सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि बिजनेस कुछ पैसों के कारण रुक जाता है और ऐसी स्थिति में बिजनेस या व्यवसाय लोन सबसे ज्यादा कारगर साबित होता है। 

7. वाहन लोन। (Vehicle or Car Loan)

अगर आप कोई वाहन लेने के बारे में सोच रही हैं और आपके पास कुछ पैसे की कमी है तो आप बैंक में वाहन लोन का भी अपील कर सकते हैं। इसे लेने के लिए बैंक आपसे कुछ चीज मांगती है जैसे आपके सैलरी स्लिप और दो-तीन साल का इनकम टैक्स रिटर्न की कागजात। इसके अलावा आपको आईडेंटिटी प्रूफ और एड्रेस प्रूफ भी जमा करना होगा। इस लोन में ब्याज दर ऊपर नीचे होते रहता है। 

जब तक कर का पेमेंट पूरा नहीं हो पता है तब तक इसकी कागजात बैंक के पास ही रहता है। जब आप बैंक को लिया गया वाहन लोन पूरे तरीके से भुगतान कर देंगे तो बैंक आपकी वाहन की साड़ी कागजात और ओनरशिप आपको प्रदान कर देगा। वाहन लोन के अंतर्गत आप कार या बाइक कुछ भी ले सकते हैं।

अवधि लोन और उसके प्रकार।

अवधी लोन का सीधा सा मतलब यह होता है कि इसके अंतर्गत आपको एक तय समय तक लोन दिया जाएगा जैसे 1 से 10 साल के तक, और आपको यह समय के अंदर ही ब्याज के साथ पूरा लोन भुगतान करना होगा। अवधी लोन तीन प्रकार के होते हैं:- 

  • अल्पकालिक लोन (Short term loan): लोन चुकाने का समय एक साल से कम होता है।
  • मध्यकालिक लोन (Medium term loan): लोन चुकाने का समय एक से तीन साल के बीच होता है।
  • दीर्घकालिक लोन (Long term loan): लोन चुकाने का समय तीन साल से ज्यादा होता है।

FAQ On “Loan Kitne Prakar Ke Hote Hain”

लोन कितने प्रकार के होते हैं के बारे में गूगल पर बहुत सारे सवाल पूछे जाते हैं, इसीलिए हमने गूगल से ऐसे ही कुछ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल इकट्ठा किए हैं और उन सभी के जवाब दिए हैं।आपको अवश्य जांचना चाहिए !

SBI पर्सनल लोन कितने ब्याज दर पर देता है?

SBI पर्सनल लोन 17.65% के ब्याज दर पर देता है।

प्रॉपर्टी लोन चुकाने के लिए कितना दिन का समय दिया जाता है?

प्रॉपर्टी लोन चुकाने के लिए आपको लगभग 15 सालों तक का समय दिया जाता है।

10 लाख रुपये का होम लोन लेने पर कितना प्रतिशत ब्याज दर लगता है?

10 लाख रुपये का होम लोन लेने पर आपको 8% से 20% तक का ब्याज दर लग सकता है।

निष्कर्ष:

तो ऊपर दिए गए लेख में हमने आपको बताया है कि Loan Kitne Prakar Ke Hote Hain। भारत के बैंकों द्वारा अलग-अलग स्थिति के लिए अलग-अलग लोन की सुविधा दिया जाता है जिसका सही समय पर आप इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में आपको लोन कितने प्रकार के होते हैं की जानकारी रखना बहुत ही जरूरी है।

अगर आप ऊपर दिए गए लेख को ध्यान से पढ़ते हैं तो इससे जुड़ा सभी जानकारीआपको आसानी से प्राप्त हो जाएगी। आशा करता हूं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। इस लेख को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।